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Showing posts from May, 2020

Never Eat Meat

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Never Eat Meat खाने के लिए भगवान ने इतनी बढ़िया चीजे दे रखी है (ख़रबूज़े, मतीरे, सेव संतरे, काजू, बादाम, अंगूर, खजूर, आम आम, बर्फी, गुलाबजामुन, अनाज, सब्जियां इत्यादि) फिर भी पता नहीं क्यों लोग गोबर( मांस ) और #मूत्र( दारू ) ही पसन्द करते है! Never Eat Meat मांस आहारी मानवा, प्रयत्क्ष राक्षस जान। मुख न देखो तास का, वो फिरता चारों खान।। मांस मनुष्यों का भोजन नहीं, राक्षसों का भोजन है। मांस खाने का अंजाम आज चीन सहित पूरा वविश्व भगत रहा है।(कोरोना वायरस) Never Eat Meat जानवर भी उसी भगवान | अल्लाह के बनाये हुए है जिसने इंसानों को बनाया है। उन्हें प्रेम दे मारे नहीं। उनको भी दर्द होता है। कबीर, जैसा दर्द आपनै होवे, ऐसा जान बिराने । कह कबीर वे जाय नरक में, जो काटै शीश खुराने ।। SAW हज़रत मुहम्मद जी ने कभी मांस को छुआ भी नहीं, ना ही उनके के लाख अस्सी हजार अनुयायियों ने कभी मांस खाया। नबी मुहम्मद जी केवल रोजा व बंग तथा नमाज किया करते थे। गाय आदि को बिस्मिल(हत्या) नहीं करते थे। नबी मुहम्मद नमस्कार है, राम रसूल कहाया। एक लाख अस्सी कूं सौगंध, जिन नहीं करद चलाया।। Never Eat M...

Buddha Purnima Special

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बुद्ध    पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, म्यांमार इत्यादि पड़ोसी देश भारत के ही भाग थे। अब इंसान नास्तिक होता जा रहा है। इसका एक कारण यह है कि इंसान इतनी भक्ति करता है तो भी उसको कोई लाभ नही मिल रहा, देवताओ के मन्नते बोलता है कि मेरा ये काम हो जाये तो सवामणी कर दूंगा फिर भी काम नही बन रहा। इसलिए इंसान नास्तिक बनता जा रहा, और कैसे  भी धन कमाने को अधिक महत्व दे रहा चाहे रिश्वत ही लेनी पड़े। ऊपर से ये नकली पण्डित/सन्त दलितों को हीन भावना से देखते है, छुआछूत करते है, इसलिए वे देवी देवताओं को गालियां देते है, और बुद्ध को ही भगवान मानने लगे रहे है जो कभी भगवान नही हो सकते। गौतम बुद्ध एक अच्छी आत्मा था, भगवान की प्राप्ति के लिए घर, पत्नी, बच्चे सब का त्याग कर दिया, लेकिन गलत गुरुओ के चक्कर मे आकर हठयोग किया,भूखा प्यासा रहा, मरने पर आ गया, जो गीता में भी मना है, बाद में एक बहन(सुजाता) ने खीर खिला कर जान बचाने की कोसिस की तो गुस्सा किया। लेकिन बाद में गलती का एहसास हुआ और खाना लेना शुरू कर दिया, लेकिन परमात्मा नही मिले। लोगो को अच्छी अच्छी बातें बताई, मूर्ति पूजा ...

Corona virus vaccine

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Debate over Treatment of Covid19 JrA . सुभाष चतुर्वेदी:- यार मुकेश इस कोरोनावायरस ने तो पूरी दुनियां में हाहाकार मचा दिया है, वैज्ञानिक प्रगति को प्राप्त विश्व के शक्तिशाली और विकसित देश भी इस महामारी के आगे नतमस्तक हो चुके है। Medical Science तो Fail हो गयी है। आप आध्यत्मिक किताबे पढ़ते हो, क्या आध्यात्मिक विज्ञान से इस महाप्रलय को रोका जा सकता है? Diseases free world JrA. मुकेश दास:- सुभाष भाई ये जो भी घटनाएं हो रही है इनके बारे में भारत सहित विश्व के सभी भविष्यवक्ताओं ने ने अपनी भविष्यवाणियों में पहले ही जिक्र किया हुआ है तथा इसके समाधान के बारे में भी स्पष्ट लिख रखा है। भारतीय सन्तों में संत रविदासजी, सूरदासजी, राजस्थान के लोकदेवता रामदेवजी, मथुरा के तुलसीदासजी इत्यादि ने इन घटनाओं के साथ इनके समाधान के लिए एक अद्वितीय महापुरुष का जिक्र किया है। उन्होंने उस महापुरुष का नाम, जन्म दिनांक, जन्म का क्षेत्र, उसके अद्वितीय ज्ञान तथा कार्यों तक का वर्णन पहले ही किया हुआ है। तथा विश्व के सुप्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं में फ्रांस के भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने सन् 1555 में लिखा ...