Buddha Purnima Special
पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, म्यांमार इत्यादि पड़ोसी देश भारत के ही भाग थे।
अब इंसान नास्तिक होता जा रहा है।
इसका एक कारण यह है कि इंसान इतनी भक्ति करता है तो भी उसको कोई लाभ नही मिल रहा, देवताओ के मन्नते बोलता है कि मेरा ये काम हो जाये तो सवामणी कर दूंगा फिर भी काम नही बन रहा। इसलिए इंसान नास्तिक बनता जा रहा, और कैसे भी धन कमाने को अधिक महत्व दे रहा चाहे रिश्वत ही लेनी पड़े।
ऊपर से ये नकली पण्डित/सन्त दलितों को हीन भावना से देखते है, छुआछूत करते है, इसलिए वे देवी देवताओं को गालियां देते है, और बुद्ध को ही भगवान मानने लगे रहे है जो कभी भगवान नही हो सकते।
गौतम बुद्ध एक अच्छी आत्मा था, भगवान की प्राप्ति के लिए घर, पत्नी, बच्चे सब का त्याग कर दिया, लेकिन गलत गुरुओ के चक्कर मे आकर हठयोग किया,भूखा प्यासा रहा, मरने पर आ गया, जो गीता में भी मना है, बाद में एक बहन(सुजाता) ने खीर खिला कर जान बचाने की कोसिस की तो गुस्सा किया। लेकिन बाद में गलती का एहसास हुआ और खाना लेना शुरू कर दिया, लेकिन परमात्मा नही मिले। लोगो को अच्छी अच्छी बातें बताई, मूर्ति पूजा का विरोध किया। लेकिन अच्छी बातें थोड़ी देर ही अच्छी लगती है। लोग फिर भी बुराई करने लग जाते है। आज चीन रूस जैसे देश नास्तिक हो गए, मानवता मर गयी, इंसान मशीन हो गया। जिंदा जीवो को तेल में तलकर खा जाते है। चीन में थोड़े दिन पहले ये हाल था यदि कोई महिला दूसरे बच्चे को जन्म दे रही है और उसका आखरी महीना चल रहा है तो भी जबरदस्ती उसका अबॉर्शन कर दिया जाता, चाहे कोई परिस्थिति हो।
सोचो कैवल्य ज्ञान केवल महात्मा बुद्ध को ही प्राप्त हुआ था या और किसी को भी प्राप्त हुआ? या फिर हमें गलत जानकारी दी गयी!
खैर ये बात तो है बुराइयां केवल सच्चे ज्ञान से ही खत्म हो सकती है। और सत्य ज्ञान केवल Saint Rampal Ji के पास है।
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